जय भीम जय मीम की असलियत बताती जोगेन्द्रनाथ मंडल की कहानी

Jogendra mandal

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हिन्दू समाज को बांटकर कमजोर कर खत्म कर देने की साज़िश कोई आज से नहीं चल रही. यह आज़ादी से पहले ही काम कर रही है। आज मै आपको संबिधान निर्माता के बारे मे कुछ जानकारी देने जा रहा हूं। लेकिन हमारे भारत के संबिधान रचयता बाबा भिमराव अंबेडकर जी को जाना जाता है। लेकिन क्या आपको पता है, हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान के संबिधान लेखक जिसका नाम जोगेंदर नाथ मण्डंल ‌‌‍‌‌(दलित) था।


जोगेंदर नाथ मण्डंल का जन्म:-

 शायद आप अनुमान भी नही लगा सकते है, कि इनका जन्म  29 Jan 1904 में,जिला: बरषी(पुरवी बंगाल) में हुआ था। जिला जो अब बंगलादेश में हैं।


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जोगेन्द्रनाथ मंडल जी का राजनितीक शुरुआत:-

Jogendra Nath Mandal

सन 1937 के समय बंगाल में एक बड़ी जनजातीं आबादी जिसको चंडाल( शूद्र ) बोला जाता था।वहां वो नमो शूद्र समुदाय से जुड़ ग‌ए थे। उस परांनत से जुड़ कर वह 1937 national Congress party के विरूध बखरागंज(अब बंगलादेश) सिट से विंधानसभा का चुनाव लड़ते है और निरदलिय चुनाव जितते भी हैं। चुनाव जितने के बाद वह उस जनजांती को शोषन से बचाना उसे उपर ले जाना करते -करते वह Congress पाटी मे शामिल हुए। कुछ समय national Congress party रहने के बाद उनको लगा कि Congress party में दलितो का शोषन होता हैं। वह उसे भी छोड़ कर 1941 में मुस्लिम लींग मे शामिल हो ग‌ए। उस समय मुस्लिम लींग भी बहुत बड़ी पाटी थी। वहां मंडल अकेले हिंदु थे जो मुसलिम लींग मे थे। जिंना और मंडल कि दोस्ती जब वह  Congress party मे थे तब हुई थी।

जोगेन्द्रनाथ मंडल की तरफ से कुछ गलत निर्णय जो लिया गया

joginder nath mandal

मंडल को लगा कि Congress दलितो पर ध्यान नही देती हैं। लेकिन उसी मे बाबा अबेंडकर जैसै नेता थे । और एक गलती जो वह जिंन्ना के साथ मुसलिम लींग मे शामिल हो ग‌ए ये सोच कर कि वहां दलित को सर पर रखा जाएगा। जिन्नां और मु०लींग की ये सोच थी । भारत जितना बड़ा हिस्सा वह पाकिस्तान ले जा सके। क्योंकी ऐसा नही था की 1947 आजदी के बाद तुरंत नही होता की जिन्नां को रात मे खयाल आया ।




 सुब्ह पाकिस्तान मांग करना शूरू कर दिया। 1947 मे पाक अलग हुआ ,जिन्नां ने सोचा वो एक जाहिल देश है, इसलिए बह मंडल को भी लेकर ग‌ए और बोला आपको यहां का सबिंधान लिखना हैं और खुद वहां के प्रधानमंत्री बन ग‌ए। उस समय पाकिस्तान, पुव्री पाकिस्तान (अब बंग्लादेश)मे जो दलित हिंन्दु (नमो शूद्र समुदाय के )गए थे। उन्को मारा गया उन्की औरतो का रेप किया ये सब देख कर मंडल को बहुत बुरा लगा लेकिन वो करे भी क्या वह भी दलितो को मरता छोड़कर प०बंगाल (भारत )चले आए ।यहीं वह सब कुछ छोड़कर रहने लगे और यहीं उनकी मौत भी हो गयी।




    इन्ही के कारण आज भी भारत मे जय भिम जय मिम का नारा गुंजता है और कहा जाता है की दलित मुसलिम भाई भाई है। पहले कहते थे कि हिंन्दु मुस्लिम भाई भाई है। लेकिन अब सि्फ्र उसको दलित का साथ चाहिए। इसलिए जब भी किसी मूर्ख हिन्दू के सर पर जय भीम जय मीम गठबंधन का भूत सवार होता दिखे तो उसे इस article पढ़ा देना। बाबा भिमराव को (दलित) भारत में जो इज्जत मिलती हैं क्या कभी पाक मे किसी दलित को ऐसी इज्जत मिलेगी। Comment में जरूर बताए।

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